पंतनगर, 26 जून। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में ‘शिक्षण, शोध, नवाचार एवं नेटवर्किंग को बढ़ावा देने पर तीसरी राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला (ब्रेन 3.0)’ का भव्य शुभारम्भ भारत सरकार के माननीय केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड के माननीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी, माननीय सांसद श्री अजय भट्ट, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डा. एम.एल. जाट, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप सहित देश-विदेश से आए पूर्व छात्र, वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ एवं गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
कार्यशाला का मुख्य विषय ‘ब्रूस्टिंग रिसर्च, एकेडमिक, इन्नोवेशन एंड नेटवर्किंग (ब्रेन 3.0) है, जिसका उद्देश्य कृषि अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार, उद्योग-शिक्षा सहयोग तथा पूर्व छात्रों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाकर भविष्य की कृषि के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।
इस अवसर पर माननीय केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत की हरित क्रांति की जन्मस्थली और कृषि आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि अब समय डिजिटल कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, प्रिसीजन फार्मिंग तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से कृषि की नई क्रांति का है, जिसमें पंतनगर विश्वविद्यालय राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान कर सकता है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ब्रेन 3.0 केवल पूर्व छात्रों का सम्मेलन नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं को जोड़ने वाला एक सशक्त राष्ट्रीय मंच है। उन्होंने पूर्व छात्रों से विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि कृषि, जैविक खेती, स्टार्टअप, ड्रोन तकनीक और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में उत्तराखण्ड के पास अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि हरित क्रांति की जन्मस्थली पंतनगर विश्वविद्यालय देश का गौरव है। उन्होंने विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित करने तथा इसकी ऐतिहासिक आधारभूत संरचनाओं के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ब्रेन 3.0 पंतनगर विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, जहां देश-विदेश से आए पूर्व छात्र अपने अनुभव, विशेषज्ञता और संसाधनों के माध्यम से विश्वविद्यालय तथा भारतीय कृषि के भविष्य को नई दिशा देने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर का डेटा सेंटर तथा एआई इन एग्रीकल्चर सेंटर स्थापित करने की परिकल्पना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल देश के सभी कृषि विश्वविद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन सिद्ध होगी।
इस अवसर पर कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप द्वारा भारत सरकार के माननीय केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखण्ड सरकार के माननीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी एवं माननीय सांसद श्री अजय भट्ट को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा डा. ए.एन. मुखोपाध्याय, पूर्व अधिष्ठाता (कृषि), गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर तथा पूर्व कुलपति, असम कृषि विश्वविद्यालय को कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के उद्घाटन के प्रारम्भ में तराई भवन परिसर में माननीय केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात् भारत सरकार के माननीय केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखण्ड सरकार के माननीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी, माननीय सांसद श्री अजय भट्ट, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. एम.एल. जाट तथा अन्य गणमान्य अतिथियों ने पं. गोविन्द बल्लभ पंत जी की प्रतिमा पर मल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। तदोपरांत कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने सभी अतिथियों को यूनिवर्सिटी सेंटर में विश्वविद्यालय संग्रहालय एवं प्रदर्शनी का अवलोकन कराया। इसके पश्चात सभी गणमान्य अतिथियों ने व्यावहारिक फसल उत्पादन प्रक्षेत्र का भ्रमण कर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उनके अनुभवों एवं नवाचारों की जानकारी प्राप्त की तथा गांधी हाल में लगी आम की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
कार्यशाला के दौरान कृषि अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार, उद्योग-शिक्षा सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल कृषि, जलवायु परिवर्तन, कृषि स्टार्टअप, डेटा विज्ञान तथा कृषि में उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। दो-दिवसीय इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देश-विदेश से आए पूर्व छात्र, वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, उद्योग विशेषज्ञ तथा नीति-निर्माता भाग लेकर विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण हेतु अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे। इस कार्यशाला ब्रेन 3.0 में प्रतिभाग करने हेतु देश-विदेश से आए विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशकगण, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
